22 साल पुराने विधायक मर्डर मामले में RJD के पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को उम्रकैद की सजा

हजारीबाग: MLA अशोक सिंह की हत्या मामले में हजारीबाग की एक अदालत ने राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई है. इससे पहले कोर्ट ने प्रभुनाथ को 18 मई को दोषी करार दिया था और जेल भेज दिया गया था. आपको बता दें कि अशोक सिंह का मर्डर 1995 में हुआ था.

प्रभुनाथ सिंह के भाई दीनानाथ और भतीजा रितेश सिंह को भी उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. एडीजे 9 सुरेंद्र शर्मा ने तीनों पर 40-40 हजार रुपए आर्थिक दंड भी लगाया है. हालांकि प्रभुनाथ सिंह के वकील विजय कुमार ने कहा कि जैसे की फैसले की कॉपी मिलेगी हमलोग हाईकोर्ट में अपील करेंगे.

फांसी की सजा की मांग

वहीं विधायक अशोक सिंह की पत्नी चांदनी देवी ने कहा कि प्रभुनाथ सिंह को फांसी की सजा मिलनी चाहिए. अगर फांसी की सजा नहीं मिलती है तो वह उपरी अदालत में जाएगी. उन्होंने कहाकि न्याय मिलने में काफी देर हुई. 22 साल तक मैं कोर्ट के चक्कर लगाती रही, अब जाकर शांति मिली है. मेरे लिए 22 साल तक न्याय के लिए संघर्ष करना आसान न था. पति की हत्या के बाद घर और बच्चों को संभालना था, साथ ही उनके हत्यारों को सजा भी दिलानी थी. इस दौरान आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन मैं हार नहीं मानने वाली थी.

Prabhui nath Singh

आपको बता दें कि अशोक सिंह सारण जिले के मशरक से जनता दल के विधायक थे. साल 1995 में उनकी हत्या उनके सरकारी बंगले पर की गई थी. इस केस की सुनवाई झारखंड के हजारीबाग की कोर्ट में हुई. प्रभुनाथ सीवान जिले के हैं और महाराजगंज से सांसद रह चुके हैं.

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