एक डॉक्टर कैसे किसी के लिए भगवान तो किसी के लिए बन गया हैवान?  

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अरुण पांडेय

नई दिल्ली: 19 साल का मज़दूर कार्तिक तंजावूर में घायल हुआ उसे वहां के सरकारी हॉस्पिटल से ज़बरन डिस्चार्ज कराया गया.

  • उसके ग़रीब परिवार (जिसकी सालाना इनकम 60 हज़ार रुपए से ज़्यादा नहीं होगी) ने क़रीब 5 लाख रुपए में एयर एंबुलेंस से उसे चेन्नई के उसी हॉस्पिटल पहुंचाया जहां #शशिकला_नटराजन का पति भर्ती था.
  • एक और संयोग देखिए कार्तिक का ब्लड ग्रुप भी ओ पॉज़िटिव था और शशिकला के पति का भी.
  • एक और संयोग (पति के लिए) कार्तिक चेन्नई के हॉस्पिटल पहुँचते ही ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया.
  • डॉक्टरों ने बुलेट की रफ़्तार से उसका लीवर और किडनी शशिकला के पति को लगा भी दिए.
  • इतने सारे संयोग से लगता है शशिकला के पति ईश्वर का वरदान हैं.
  • डॉक्टरों की छवि को और धूल धूसरित करने की कड़ी में ये ताज़ी घटना है.

(ये लेखक के निजी विचार हैं.)

 

खबर यह है कि जेल में बंद अन्नाद्रमुक की नेता वीके शशिकला के पति एम नटराजन का लीवर और किडनी ट्रांसप्लांट करने के लिए सर्जरी की गई. नटराजन का पिछले कुछ दिनों से कॉर्पोरेट अस्पताल में इलाज चल रहा था.

द न्यूज मिनिट की एक रिपोर्ट में जिक्र किया गया है कि ग्लेनीगल्स ग्लोबल हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने मंगलवार देर रात दोहरे ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए नटराजन को तैयार किया था.

सवाल उठता है कि उन्हें डोनर कहां से मिला?

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि डॉक्टरों ने नटराजन के लिए मैचिंग डोनर तंजावुर के एक अस्पताल में भर्ती गंभीर रूप से घायल किशोर के रूप में किया. जिसके बाद उसे एयरएंबुलेंस से चेन्नई लाया गया.

चार अक्टूबर को एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक मेडिकल सलाह पर मजदूर को डिस्चार्ज कर चेन्नई भेजा गया. यह कोई और नहीं बल्कि वही शख्स है जिसे चेन्नई के अस्पताल में ब्रेन डेड घोषित किया गया था.

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