पीएम मोदी का आलोचकों को जवाब, कहा-पहली बार नहीं आई है GDP में कमी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को ICSI के गोल्डन जुबली कार्यक्रम में अर्थव्यवस्था से लेकर डोकलाम के मुद्दे तक सरकार की उपलब्धियों को गिनाया. उन्होंने कहा कि देश में पारदर्शिता लाने में आपकी बहुत अहम भूमिका है. पीएम मोदी ने अर्थव्यवस्था पर उठते सवालों का जवाब देते हुए कहा है कि कुछ लोगों को हताशा फैलाने की आदत है. आप लोग इस बात के जानकार हैं कि देश का कॉर्पोरेट कल्चर कैसे चलेगा. आपका ध्येय वाक्य है ‘सत्य के रास्ते पर चलो’. पीएम ने कहा कि कुछ लोग देशहित साध रहे हैं या किसी और का हित ये पता नहीं चल पा रहा है.
पीएम मोदी के संबोधन की मुख्य बातें-
  • पीएम मोदी ने कहाकि पिछले तीन सालों में 7.5 प्रतिशत की औसत ग्रोथ हासिल करने के बाद इस साल अप्रैल-जून की तिमाही में GDP में कमी दर्ज की गई है.
  • पीएम ने कहाकि सरकार इस ट्रेंड को रिवर्स करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं.
  • पीएम ने कहा कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. जब देश में जीडीपी की ग्रोथ 5.7 प्रतिशत हुई है. पिछली सरकार में 8 बार ऐसे दौर आए थे. देश की अर्थव्यवस्था जब 0.2 और 1.5 फीसदी तक गिरी थी. यह स्थिति बहुत खतरनाक होती है.
  • पीएम मोदी ने कहाकि सरकार सिर्फ वोटों के लिए रेवड़ियां नहीं बांट सकती, हमारी सरकार देशहित के लिए कड़े फैसले लेगी. इसके लिए मेरी आलोचना भी होगी.
  • उन्होंने कहाकि रिफॉर्म से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं और ये आगे भी जारी रहेगी.
  • पीएम ने कहाकि निवेश बढ़ाने और आर्थिक विकास को गति देने के लिए हम हर आवश्यक कदम उठाते रहेंगे.
  • पीएम ने कहाकि देश की इस बदलती हुई अर्थव्यवस्था में अब ईमानदारी को प्रीमियम मिलेगा और ईमानदारों के हितों की सुरक्षा की जाएगी.
  • पीएम ने कहाकि कालेधन के खिलाफ सरकार ने ‘स्वच्छता अभियान’ चलाया है.
  • उन्होंने कहाकि अब देश की अर्थव्यवस्था में ईमानदारी का नया दौर शुरू हुआ है. अब काले धन का लेन-देन करने से पहले लोगों को 50 बार सोचना पड़ता है.
  • पीएम ने कहा कि आज विदेशी निवेशक भारत में रिकॉर्ड निवेश कर रहे हैं. विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार इजाफा हो रहा है.
  • पीएम मोदी ने कहा, जीएसटी को लागू हुए तीन महीने हुए हैं. हमने बारीक से बारीक चीजों का फीडबैक लिया है.
  • हमने जीएसटी काउंसिल से कहा है कि व्यापारियों को जो कठिनाइयां आ रही है उनका रिव्यू करें. सभी पार्टियां और सभी राज्य सरकारें मिलकर इसके बदलाव पर बात करें और उसे करें.

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