You Matter Most

काले हिरण शिकार मामले में अभिनेता सलमान खान को 5 साल की सजा

1 min read
जोधपुर: काला हिरण शिकार मामले में जोधपुर सीजेएम कोर्ट ने मुख्य आरोपी फिल्म अभिनेता सलमान खान को दोषी करार दिया है. कोर्ट ने सलमान को पांच साल की सजा और दस हजार रुपये जुर्माना किया है. इस मामले में कोर्ट बाकी आरोपियों फिल्म अभिनेता सैफ अली खान, अभिनेत्री तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम सहित पांच को बरी कर दिया है.
बता दें कि सरकारी वकील ने अधिक से अधिक सजा की मांग की थी. वहीं, सलमान के वकील हस्तीमल सारस्वत ने सजा के खिलाफ सेशन कोर्ट जाने की बात कही. उन्होंने जज से सलमान को कम से कम सजा देने की अपील की थी. कोर्ट में यह मामला पिछले बीस साल से चल रहा था.
कब-कब, क्या-क्या हुआ
सितंबर 1998 में ‘हम साथ साथ हैं’ फिल्म की शूटिंग के दौरान सैफ अली खान, तब्बू और सोनाली बेंद्रे के साथ सलमान खान ने राजस्थान में जोधपुर के पास कणकणी गांव में दो काले हिरणों का शिकार किया.
2 अक्टूबर, 1998 को बिश्नोई गांव के लोगों ने सलमान खान और अन्य के खिलाफ हिरणों के शिकार का केस दर्ज कराया.
12 अक्टूबर, 1998 को सलमान खान को विलुप्तप्राय जानवरों के शिकार के आरोप में गिरफ्तार किया गया, हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई.
10 अप्रैल, 2006 को ट्रायल कोर्ट ने वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत चिंकारा शिकार के केस में सलमान को दोषी ठहराया. उन्हें पांच साल की सजा सुनाई गई और उन पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया.
31 अगस्त, 2007 को राजस्थान हाई कोर्ट ने चिंकारा शिकार मामले में सलमान को पांच साल की सजा सुनाई. एक हफ्ते बाद उनकी अपील पर यह सजा सस्पेंड कर दी गई. सलमान ने एक सप्ताह का यह वक्त जोधपुर जेल में बिताया. बाद में हाई कोर्ट ने आर्म्स एक्ट के केस में भी सलमान को बरी कर दिया.
24 जुलाई, 2012 को राजस्थान हाई कोर्ट की बेंच ने काले हिरण के शिकार मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए. इसके बाद मामले में ट्रायल की राह खुली.
9 जुलाई, 2014 को राजस्थान सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सलमान खान को नोटिस जारी किया. राजस्थान सरकार ने हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत सलमान की सजा को सस्पेंड किया गया था.
25 जुलाई, 2016 को राजस्थान हाई कोर्ट ने घोड़ा फार्म हाउस और भवाद गांव चिंकारा शिकार केस में सलमान खान को बरी कर दिया. कोर्ट ने कहा कि इसके सुबूत नहीं हैं कि सलमान की लाइसेंसी बंदूक से ही शिकार किया गया.
19 अक्टूबर, 2016 को राजस्थान सरकार ने हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की.
11 नवंबर, 2016 को राजस्थान सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई को फास्ट ट्रैक करने के राजी हुआ.
15 फरवरी, 2017 को सलमान खान के वकील ने सबूत पेश करने से इंकार कर दिया.
28 मार्च, 2018 को इस मामले में ट्रायल कोर्ट में सुनवाई पूरी हुई. चीफ जूडिशियल मजिस्ट्रेट देव कुमार खत्री ने अपना फैसला सुरक्षित रखा.

क्या है मामला
घटना साल 1998 में फिल्म ‘हम साथ साथ हैं’की शूटिंग के दौरान हुई थी. सलमान खान पर आरोप है कि उन्होंने जोधपुर के नजदीक कांकाणी गांव में दो काले हिरणों का शिकार किया था. अभियोजन पक्ष का कहना है कि उस रात सभी कलाकार एक जिप्सी में थे, जबकि सलमान खान खुद उसे ड्राइव कर रहे थे. सरकारी वकील के मुताबिक, हिरणों का झुंड देखने पर उन्होंने गोली चलाई और दो हिरण मारे गए. उन्होंने कहा कि जब लोगों ने उनका पीछा किया तो वे मरे हुए हिरणों को मौके पर छोड़कर भाग खड़े हुए थे. सरकारी पक्ष का दावा है कि इन सितारों के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं. हालांकि, सलमान के वकील एच.एम. सारस्वत ने अभियोजन पक्ष की थ्योरी पर ही सवाल उठा दिए थे. उन्होंने कहा कि सरकारी वकील यह साबित करने में नाकाम रहे कि काले हिरण बंदूक की गोली से ही मारे गए थे. इस मामले में दो अन्य आरोपियों के नाम दुष्यंत सिंह और दिनेश सिंह हैं. आरोप है कि वारदात के वक्त दुष्यंत सिंह कथित रूप से सलमान के साथ था. दिनेश सिंह को सलमान का सहायक बताया जाता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *