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मोदी के मास्टर प्लान में फंसे जेटली, हो गई घेराबंदी

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अरुण पांडेय, मैनेजिंग एडिटर

नई दिल्ली: जैसे रघुराम राजन गए वैसे ही लगता है वित्तमंत्री अरुण जेटली अब जाकर मोदी के चक्रव्यूह में घिर गए हैं. प्रधानमंत्री की इसी तरह की सर्जिकल स्ट्राइक का शिकार पूर्व रिजर्व बैंक गवर्नर रघुराम राजन हुए थे.

मोदी का स्टाइल देखिए- सुब्रमण्यम स्वामी ने 16 पेज का लेटर प्रधानमंत्री को लिखा और कहा जल्द उपाय नहीं किए गए तो इकोनॉमी क्रैश हो सकती है, एनपीए की वजह से बैंक फेल हो सकते हैं, बेरोजगारी चरम पर पहुंच सकती है और फिर इकोनॉमी को पटरी पर लाना बहुत मुश्किल होगा.

स्वामी के हमले के तीन दिन बाद यशवंत सिन्हा भीषण हमला करते हैं जेटली पर और कहते हैं कि भारतीयों को गरीबी का अनुभव कराने की कोशिश में जुट गए हैं वित्तमंत्री जेटली.

यशवंत सिन्हा ने तो जेटली की सबसे कमजोर नस दबा दी कि वो लोकसभा चुनाव हारे हुए हैं, फिर भी वित्तमंत्री बने बैठे हैं.

 

जेटली पर दो बड़े बीजेपी नेताओं का इतना तगड़ा हमला बहुत कुछ कहता है-

1) अर्थव्यवस्था वाकई खराब है. प्रधानमंत्री पर इसके छींटे ना पड़ें और जिम्मेदारी उन पर ना आए इसके लिए जेटली जी पर खतरा बढ़ गया है.

2) जेटली जी नाम के मंत्री रह जाएंगे (वैसे नोटबंदी जैसे बड़े फैसले प्रधानमंत्री ने ही लिए हैं) इस तरह सारे फैसले प्रधानमंत्री कार्यालय और आर्थिक सलाहकार परिषद करे.

3) हालांकि मोदी जी के पास भी इकोनॉमी के रिवाइवल का ठोस फॉर्मूला नहीं है, पर फिर भी इसके बाद इकोनॉमी में एक सेंटीमीटर का सुधार सिर्फ और सिर्फ मोदी की उपलब्धि मानी जाएगी जेटली की नहीं.

 

4) अपने ही साथियों के अपमान और गलतियों के दम पर अपनी छवि बेहतर करना प्रधानमंत्री का खास स्टाइल है. आपको याद होगा कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री ने अपने मंत्रियों को नसीहत दी थी कि कंजूसी से रहें, फिजूल खर्ची ना करें. इससे प्रधानमंत्री ने अपनी छवि बेहतर कर ली और अपने ही सहयोगियों को सरकारी धन का दुरुपयोग करने वाला साबित कर दिया. अखबारों और न्यूज चैनलों ने भी इस अंदाज में खबर को पेश किया कि प्रधानमंत्री किसी भी कीमत पर बेईमानी और सरकारी धन का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं करेंगे.

5) कुछ दिन पहले राम रहीम के समर्थकों को हंगामे पर भी खबर यही छापी गई थी कि प्रधानमंत्री बहुत नाराज है हरियाणा के सीएम खट्टर से.

लेकिन क्या करें राजनीति में सब जायज है. देश ऐसे ही चलता है. जो चीज बहुत नीचे चली जाती है तो कभी ना कभी ऊपर आती ही है, इसी तरह इकोनॉमी और कितने नीचे जाएगी. अब ऊपर आएगी और जैसे ही आएगी उसका क्रेडिट लेने हम तैयार बैठे हैं.

#जेटली_दबाव_में   #प्रधानमंत्री_मोदी_की_स्ट्रैटेजी   #इकोनॉमी_रिवाइवल

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