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गुजरातः सस्पेंशन की न्यायिक जांच की मांग को लेकर धरने पर बैठे प्रोफेसर को पुलिस ने उठवाया

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अहमदाबाद: गुजरात सेंट्रल यूनिवर्सिटी में सस्पेंशन की न्यायिक जांच की मांग को लेकर धरने पर बैठे प्रोफेसर जय प्रकाश प्रधान को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. बताया जा रहा है कि प्रोफेसर प्रधान जब अपने दो छात्रों के साथ शैक्षणिक व्यवस्था पर चर्चा कर रहे थे तभी गुजरात पुलिस आई और उन्हें हिरासत में लेकर थाने ले आई. प्रोफेसर प्रधान के साथ पुलिस ने दोनों छात्रों को भी हिरासत में ले लिया. पुलिस ने इसके बाद उन लोगों को गुजराती में लिखे एक पत्र पर हस्ताक्षर करवाने के बाद छोड़ दिया.

प्रोफेसर प्रधान ने बताया कि वह विश्वविद्यालय के मेन गेट के बाहर अपने निलंबन के साजिश की न्यायिक जांच की मांग को लेकर अकेले धरने पर बैठे हुए हैं. कुलपति और रजिस्ट्रार द्वारा कानून व्यवस्था बिगड़ने का हवाला देकर पुलिस बुलवाया गया और उन्हें हिरासत में लिया गया. पुलिस ने दो छात्रों आलोक कुमार और रामचेत यादव को हिरासत में लेकर थाने ले आई. हालांकि पुलिस द्वारा गुजराती में लिखे एक पत्र पर हस्ताक्षर करवाकर तीनों को छोड़ दिया गया. गुजराती में लेटर लिखे होने पर प्रोफेसर प्रधान ने कहाकि उन्हें गुजराती नहीं आती है इसलिए हिन्दी या फिर अंग्रेजी में पत्र लिखा जाए, लेकिन गुजरात पुलिस ने कहा कि उन्हें अंग्रेजी और हिन्दी नहीं आती है.

प्रोफेसर प्रधान ने बताया कि जब से वह धरने पर बैठे हैं विश्वविद्यालय के कुछ प्रोफेसर उनसे सुलह करने की बात कर रहे हैं. वीसी की तरफ से भेजे गए प्रोफेसर्स ने प्रधान के सामने ऑफर रखा कि अगर वह वीसी के खिलाफ दर्ज की अपनी शिकायत वापस लेते हैं तो उनका सस्पेंशन रद्द कर उन्हें डीन भी बनाया जाएगा. डॉ. प्रधान ने बताया कि वह इंसाफ और सच्चाई की लड़ाई लड़ रहे हैं इसलिए कोई समझौता नहीं करेंगे. उन्होंने कहाकि वह चाहते हैं कि इस पूरे मामले की न्यायिक जांच हो.

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